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जीबी कॉलेज के प्रशासन के साधारण ज्ञान की कमी से एक छात्रा का भविष्य अंधकार में

# 2019 में होने वाली इंटमीडिएट एनुवल परीक्षा में कॉलेज की लापरवाही इस कदर है कि सिर्फ एक विषय मे भरा गया ऑन लाइन फार्म.
# 2015 में नामांकन के बाद आज तक निशा को इंटमीडिएट की परीक्षा में लटका के रखा है कॉलेज प्रशासन.
# पूरा विषय का परीक्षा फीस लेकर सिर्फ एक विषय का भरा गया आन लाइन फार्म!बाकी पैसा डकार गया कालेज.
# छात्रा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है।रो रो कर निशा की अपना बुरा हाल.




कैमुर टॉप न्यूज़,रामगढ़: एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देकर बेटियों को सशक्त व स्वालंबी बनाने के फिराक में जुटी हुई है.मगर जीबी  कॉलेज ऐसे मामलों में इन उद्देश्यों से बिल्कुल परे है.जिन शैक्षणिक संस्थान को ज्ञान बांटने का केंद्र माना माना जाता है.वहां के छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकार में हो तो आप इसे क्या कह सकते है.जिसका ताजा उदाहरण ग्राम भारती जीबी कॉलेज के एक पीड़ित छात्रा निशा कुमारी का है.छात्रा निशा कुमारी के साथ हुए मामले को देख ऐसा प्रतीत होने लगा है कि कर्मियों व शिक्षको में ज्ञान का घोर अभाव है.वही  दीपक चले अंधेरा वाली कहावत से भी इनकार नहीं किया जा सकता.कालेज प्रशासन व कर्मियों को साधारण ज्ञान की कमी होने की वजह से छात्रा का समय योहिं इतने वर्ष बीत गए.छात्रा का भविष्य कॉलेज प्रशासन के अकर्मण्यता व निष्क्रियता रवैये के कारण चौपट होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं.छात्रा अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है.अपने कैरियर को लेकर छात्रा का हाल रो रो कर बेहाल है.कॉलेज द्वारा गलत इनफार्मेशन दिए जाने से आज तक छात्रा का इंटरमीडिएट परीक्षा पूरा नहीं हो सकी है.जो काफी ही दुर्भाग्यपूर्ण कहा जायेगा.सत्र 2015 में हुए नामांकन के बाद छात्रा का आज तक इंटरमीडिएट परीक्षा लटका के रखा गया है.पूरा विषय का एनुअल फॉर्म भरने व पूरा फीस जमा कराने  के बाद कालेज द्वारा छात्रा का ऑन लाइन फार्म सिर्फ एक विषय (एनआरबी) में ही भर दिया गया है.और इसकी सूचना छात्रा को तनिक भी नहीं दिया जा सका.ना ही पूरा विषय के लिए परीक्षा शुल्क का  पैसा भी नहीं लौटाया जा सका.इसकी जानकारी छात्रा को तब हुई जब वह सत्र 2019 में आगामी होने वाली इंटरमीडियट परीक्षा को लेकर एडमिट कार्ड निकलवाने के लिए साईबर कैफे गयी हुई थी.तब छात्रा का कोई एडमिट कार्ड नेट पर शो नहीं कर रहा था.बताया जाता है कि सत्र 2019 में पंद्रह जनवरी से ही प्रेटिकल्स का परीक्षा शुरू होना था.जब छात्रा 20--6 --2018 को पूरा विषय का भरी हुई परीक्षा फॉर्म के आधार पर अन्य छात्राओ की तरह मन में परीक्षा देने की ललक लिए हुए अपना एडमिट कार्ड निकलवाने के लिए गयी हुई थी.मगर एडमिट कार्ड उसका निकला ही नही.सबसे रोचक बात यह है की 8 --12 --017 को छात्रा को गलत इनफार्मेशन देकर एनुअल परीक्षा फॉर्म में कंपार्टमेंटल विषय का फॉर्म भरवा दिया गया था. जिससे उसका रिज्लट बिहार इंटमीडिएट काउंसिल बोर्ड के बेवसाइड पर 2018 में इनवैलिड (invalid)शो करने लगा.पीड़ित छात्रा निशा कुमारी  ने  रो रो का कहा कि कॉलेज प्रशासन ने मेरा भविष्य चौपट कर दिया.मैं अनुसूचित जाति से आती हूँ.मेरा भविष्य के साथ जान बूझ कर कालेज प्रशासन खेलवाड़ की हुई है. सत्र 2018 में जब मैं परीक्षा फार्म पूरा विषय का भर रही थी तो कॉलेज के लोग मुझको डांट डपटकर सिर्फ एक विषय का भरवा दिया.जब मेरा रिजल्ट शो नही किया तो 14 --6 2018 को कालेज मेरा आवेदन को फारवार्ड कर मुझे बोर्ड भेंजा था.तब वहां बोर्ड के लोगो ने कहा था एनुअल में  कंपार्टमेंटल का फार्म नहीं भरा जा सकता.कैसे कॉलेज प्रशासन भरवा दिया.पुनः मैं 2019 में होने वाली परीक्षा में  पूरा विषय का फार्म भरी हुई थी.मगर कालेज मेरे जिंदगी के साथ खेलवाड़ करते हुए फिर पिछले वाली बात दोहरा सिर्फ एक विषय एनआरबी का फॉर्म भर दिया.जो अनुचित है.लगता है कॉलेज के लापवाही का खामियाजा इस वर्ष भी कही भुगतना न पड़ जाए.इस संबंध प्राचार्य प्रो0 राधे श्याम सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.


कैमुर टॉप न्यूज़ के लिए अभिषेक राज की रिपोट



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