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जिले में मनाया गया विश्व जनसंख्या दिवस, इस अवसर पर परिवार नियोजन मेले का हुआ आयोजन..



कैमूर टॉप न्यूज़, कैमूर: परिवार नियोजन पर सामुदायिक अलख जगाने के लिए जिले में गुरूवार को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया. इस अवसर पर  परिवार विकास मेले का आयोजन किया गया. जिसकी शुरुआत जिला सिविल सर्जन द्वारा किया गया. मेले के माध्यम से नियोजित परिवार के दूरगामी लाभ एवं परिवार नियोजन के उपायों के बारे में जानकारी दी गई. साथ ही दंपतियों में परिवार नियोजन के अस्थायी साधन जैसे कंडोम एवं गर्भनिरोधक गोलियों निःशुल्क का वितरण किया गया. 

साथ ही विभिन्न काउंटर लगाकर परिवार नियोजन के स्थायी साधनों के अपनाने के लिए इच्छुक दंपतियों का पंजीयन भी किया गया.   
इस मौके पर जिला  सिविल सर्जन डॉ अरुण तिवारी ने सदर अस्पताल में परिवार विकास मेले का उदघाटन करते हुये कहा कि आज से परिवार विकास पखवाड़े की भी शुरुआत हुई है. जिसे 24 जुलाई तक चलाया जाएगा. इस दौरान जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाएंगे. उन्होंने जानकारी दी कि यह परिवार नियोजन मेला जिले के प्रत्येक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर आयोजित होगा तथा कहा की स्वस्थ परिवार के लिए भी परिवार नियोजन के उपाय कारगर हैं. इसके लिए परिवार नियोजन के किसी भी विधि को अपनाया जा सकता है. जो सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क उपलब्ध हैं. 


प्रसव एवं गर्भपात के बाद गर्भधारण की संभावना : इस मौके पर प्रसव एवं गर्भपात के बाद गर्भधारण की संभावना पर जानकारी दी गयी. केवल स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए प्रसव के 6 महीने बाद से , केवल स्तनपान नहीं कराने वाली महिलाओं के लिए प्रसव के 6 हफ्ते बाद से, स्तनपान नहीं कराने वाली महिलाओं के लिए प्रसव के 4 हफ्ते बाद से एवं जिन महिलाओं का गर्भपात हुआ है उनके लिए गर्भपात के 10 दिन बाद से गर्भधारण की संभावना होती है.
परिवार नियोजन के उपायों को जानें: मेले के माध्यम से परिवार नियोजन के अनेक उपायों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई.  महिला नसबंदी एक स्थायी साधन है. जिसे मात्र 15 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा किया जाता है या विधि प्रसव गर्भपात के 7 दिन के अंदर या 6 सप्ताह बाद अपनाया जा सकता है. पुरुष नसबंदी भी एक स्थायी साधन है. जिसे मात्र 10 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा बिना चिड-फाड़ के किया जाता है. जिसमें 1 घंटा बाद लाभार्थी की छुट्टी भी हो जाती है. यह विधि कभी भी अपनायी जा सकती है एवं इससे किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं होती है. कॉपर-टी एक अस्थायी विधि जिससे बच्चों के जन्म में अंतर रखा जा सकता है. कॉपर- टी विधि 10 वर्षों एवं 5 वर्षों के लिए अपनायी जा सकती है. कॉपर-टी निकलवाने के बाद प्रजनन क्षमता तुरंत वापस आ जाती है. गर्भनिरोधक गोली माला-एन एक सुरक्षित हार्मोनल गोली है. जिसे महिला को एक गोली  प्रतिदिन लेनी होती है. माहवारी शुरू होने के 5 वें दिन से गोली की शुरुआत करनी चाहिए. स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के 6 माह तक इस गोली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अंतरा एवं छाया दोनों परिवार नियोजन के नवीन अस्थायी विधियाँ है. अंतरा एक सुई है जो तीन माह तक प्रभावी रहता है. लंबे समय तक सुरक्षा के लिए हर तीन महीने में सुई लगवानी होती है. जबकि छाया एक गोली है जिसे सप्ताह में एक बार तीन महीने तक, फिर सप्ताह में केवल एक बार जब तक बच्चा न चाहें.

कैमूर टॉप न्यूज़ के लिए मुबारक अली की रिपोर्ट...


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