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मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलने का निर्भया सेना ने की मांग...



कैमूर टॉप न्यूज़, कैमूर: स्टेशनों का नाम बदलने की कवायद में  अब बहुत जल्द  एक और  नाम जुड़ने वाला है. वाराणसी के मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बदलकर  पंडित मदन मोहन मालवीय स्टेशन  रखने की मांग  निर्भया सेना के कैमुर इकाई सहित राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा भी की गई है.

गौरतलब है कि मुगलसराय जंक्शन का नाम परिवर्तित होते ही निर्भया सेना द्वारा 3 जून 2019 से ही BHU में राष्ट्रीय सम्मेलन से इस मांग को  शुरू की गई है कि मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बदलकर पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम से किया जाए.
इस विषय पर प्रधानमंत्री के नाम पत्र व पोस्टकार्ड अभियान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्र " बाबा " द्वारा शुरू कर दिया गया है.
 बाबा ने कहा कि मालवीय जी की बगिया BHU से उठी यह मांग जोर पकड़ने लगी है. जिसके लिए बनारस के बौद्धिक जन गोलबंद होने लगे है.
बाबा ने आगे कहा कि वाराणसी ही नहीं इस चिंतन व सोच की चर्चा पूरे देश में शुरू गई है.
चूंकि वाराणसी से मोदी जी का रिश्ता अब कर्मछेत्र का है, उनका कर्मभूमि है. ऐसे में आशा ही नहीं विश्वास है कि वाराणसी की जनभावनाओं का आदर करते हुए शीघ्र ही मंडुवाडीह का नाम बदलकर पंडित मदन मोहन मालवीय कर के मर्यादित व सराहनीय प्रयास करेंगे. 
आज मदन मोहन मालवीय जी ने वाराणसी का नाम विश्व में रौशन किया.  ऐसे में मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलने पर एक राष्ट्रीय चिंतन दिखेगा.
मंडुवाडीह नाम होने वाराणसी से  जुड़े लोगों की एक अंदरुनी खिन्नता भी है.
   निर्भया सेना प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी से करबद्ध प्रार्थना करती है कि वाराणसी के जन जन की भावनाओं का आदर करते हुए अविलंव इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
बाबा ने कहा कि निर्णय लिया गया है कि सेना के राष्ट्रीय कार्यालय कैमूर से हजारों की सेना की टोली पद यात्रा कर इस मांग को संबल प्रदान करेगी. 
 जिसमें BHU के छात्र व प्रोफेसर गणों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा. 
 निःसंदेह यह स्टेशन पूर्व की अपेक्षा बहुत ही सुंदर सुसज्जित व मनमोहक हो गया है.
 विदित हो BHU से सटे सामने घाट से NH तक बिहार के कैमूर जिले के 40 प्रतिशत आबादी वाराणसी में निवास करती है.
   बाबा ने विश्वास दिलाया कि जनभावनाओं के प्रति विशेष सम्मान करने रखने वाले लोकप्रिय प्रधानमंत्री मोदी जी इसी सत्र में निर्भया सेना व  लाखों लाख लोगों की भावनाओं का विशेष आदर करते हुए इसकी घोषणा 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से करेंगे. इस मिशन को विशेष रुप से व दृढ़ता से मजबूती प्रदान करने के लिए बाबा ने BHU के कामर्स विभाग के प्रोफेसर एच के सिंह की विशेष प्रशंसा व सराहना किया.
कैमुर के मोहनिया से सोनी की रिपोर्ट...


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