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नाबालिग से रेप पर सजा-ए-मौत के अध्यादेश की मंजूरी का निर्भया सेना ने किया स्वागत ..



कैमूर टॉप न्यूज, कैमूर:  विगत शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को सजा - ए - मौत देने वाले अध्यादेश को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को निर्भया सेना ने बधाई दी है.
 सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्र बाबा ने  कहा की यह अध्यादेश देश की करोड़ो बेटियों ,बच्चियों के साथ खास तौर से आधी आबादी के लिये सुकून व सम्मान योग्य है पर इस निर्णय को देर से लिया गया.
बाबा ने आगे कहा कि इस अध्यादेश को 12 साल से कम उम्र के बच्चियों के रेप पर आजीवन कैद से लेकर फाँसी  तक की सजा देने  का रास्ता साफ हो गया.  मजे की बात तो यह है कि दो दशक पूर्व से ही समाजसेवा करने वाले  बाबा आज लाखों बहन बेटियों के भैया बन चुके है.
   विगत पांच वर्ष पूर्व निर्भया कांड के बाद बरेली में अपने घर पर अकेली होने पर महिला जज के साथ बलात्कार के प्रयास पर गठित निर्भया सेना अपने प्रति दिन पर दिन विकराल रूप को धारण करती जा रही है.
 बताते चलें की यह सेना विशुद्ध रूप से गैर राजनीतिक है. आज देश के कई क्षेत्र के नामचीन लोग सेना से जुड़ते जा रहे हैं.
जानकारी हो कि सेना के पांचवे राष्ट्रीय सम्मेलन वाराणसी के BHU में बाबा द्वारा प्रधानमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांग का प्रस्ताव पारित कर भेजा था. जिसमें यह प्रस्ताव पहले नंबर पर था. 
निःसंदेह देश के कई वरिष्ठ प्रोफेसरों व अधिकारियों ने सेना की गतिविधयों की बेहद तारीफ की थी.
 सेना सम्मान और बाबा एक दूसरे के पूरक हो गए है ।
बाबा की राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.
 इस अध्यादेश पर खास तौर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को श्रेय देते हुए बाबा ने सेना के राष्ट्रीय कार्यालय कैमूर के चैनपुर के लोदीपुर में बुधवार की शाम खुशी में घी के दीपक जलाए गए.
साथ ही बाबा ने ठीक इसी समय सेना से जुड़े सभी पदाधिकारियों/सदस्यों को पूरे देश में खुशी में अपने घर पर दीपक जलाने के लिए निर्देशित किया  व कहा कि राजनीति से दूरी रखकर समाजसेवा करने का जोश जज्बा रखने वाले साथ ही आधी आबादी की रक्षा सुरक्षा करने वाले लोग सेना से जुड़कर माँ भारती की रक्षा कर सकते हैं. उनका स्वागत है.


कैमूर मोहनिया से जीपी सोनी की रिपोर्ट


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