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नदी की धारा के साथ छेड़छाड़ ने शुरू कर दी विनाश लीला ..


कैमूर टॉप न्यूज़, भभुआ: विधानसभा क्षेत्र का रूपपुर गांव 20 वर्षों से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. भभुआ प्रखंड के अंतिम छोर पर बसे इस गांव का दो दशक में नक्शा ही बदल गया है. करीब छह हजार आबादी वाले रूपपुर गांव को दुर्गावती नदी धीरे धीरे निगल रही है. नदी के तट पर बसे ग्रामीणों को क्या पता था कि आवागमन की सुगमता के लिए नदी पर पुल बनाने की मांग में उनकी बर्बादी का कारण बन जाएगी. पुल बनाने की कोशिश से गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा. नदी की विभीषिका दो दशक से ग्रामीणों की नींद हराम किए हुए है. बरसात में उफनती नदी को देख ग्रामीणों का दिल दहल जाता है. तब आंखों में ही उनकी रात कटती है. उन्हें बराबर यह भय सताता रहता है की कब नदी में किसका घर विलीन हो जाएगा. धीरे धीरे नदी के समीप बसे लोग पलायन करने लगे हैं.

दुर्गावती जलाशय परियोजना बन जाने से ग्रामीणों को आंशिक रूप से सुकून मिला है. कम पानी आने के कारण नदी के कटाव की रफ्तार में कमी आई है. ग्रामीणों के लिए यह परियोजना वरदान साबित हुई है. ग्रामीण इस तबाही के लिए जिला प्रशासन एवं सिचाई विभाग को दोषी मानते हैं. जिसने गांव के समीप नदी में ह्यूम पाइप डालकर पुल बनाने का निर्णय लिया. जिस नदी में पानी का बहाव अधिक हो उसमें ह्यूम पाइप का पुल कितना कारगर होगा. इस पर अभियंताओं को गंभीरता से सोचना चाहिए था.

कब शुरू हुआ था नदी में पुल बनाने का कार्य:

रूपपुर गांव के समीप दुर्गावती नदी में ह्यूम पाइप का पुल बनाने का निर्णय गागर में सागर भरने वाली कहावत को चरितार्थ करने जैसा था. 1997-98 में कैमूर के तत्कालीन डीएम ई. चंचल कुमार के कार्यकाल में कार्यपालक अभियंता माखनलाल गुप्ता एवं सहायक अभियंता सीताराम गुप्ता की देखरेख में सिचाई विभाग के द्वारा 18 लाख रूपये की राशि से  36 बड़े ब्यास वाले ह्यूम पाइपों को नदी में डालकर पाट दिया गया. ऊपर का शेष काम अभी  बाकी था. तभी नदी में बरसात का पानी आ गया. पानी के साथ बहकर आए पेड़ पौधों व मृत जानवरों के मलबे से ह्यूम पाइप जाम हो गया। उफनती नदी की तेज धारा ने रास्ता बदला. बस वहीं से नदी के दोनों तरफ कटाव की विनाश लीला शुरू हो गई. कटाव से दोनों तरफ का करीब तीन-तीन सौ फीट किनारा नदी में विलीन हो गया। दुर्गावती नदी एक दर्जन घर,कई पेड़ एवं करीब पांच एकड़ ग्रामीणों की उपजाऊ भूमि को लील गई. अब यहां तीन धाराएं बहती हैं. 

कटाव से एक दर्जन ग्रामीणों को हुआ है भारी नुकसान:

दुर्गावती नदी के तट पर बसे रूपपुर के ग्रामीणों को कीमती जमीन,व घर गंवाकर कीमत चुकानी पड़ी है. नदी के कटाव से एक दर्जन ग्रामीणों को लाखों का नुकसान हुआ है. जिसमें विनोद सिंह, सुभाष सिंह, काशीनाथ पांडेय, गणेश सिंह, नीरज सिंह, नागेंद्र सिंह, ब्रह्मा सेठ, मुरली सेठ इत्यादि का नाम शामिल है. गांव के समीप नदी में तीन धाराएं बहती हैं. रूपपुर  निवासी काशीनाथ पांडेय, कपिल राम,गणेश सिंह, नीरज सिंह  इत्यादि ने कहा कि गांव की गंभीर समस्या की तरफ न तो शासन प्रशासन का ध्यान नहीं जनप्रतिनिधियों का. दो दशक से ग्रामीण सांसद और विधायक से गांव का अस्तित्व बचाने के लिए  गुहार लगा रहे हैं. लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासनों से ही काम चलता रहा है. सासाराम  के सांसद छेदी पासवान की पहल पर उक्त स्थल कुछ दूर पश्चिम नदी में दो वर्ष पहले पुल बन चुका है. जिससे ग्रामीणों का आवागमन तो सुलभ हो गया है. लेकिन नदी में डाले गए ह्यूम पाइप को नहीं हटाए जाने से गांव के अस्तित्व पर संकट बरकरार है. जब तक नदी में पुलिया बनाने के लिए डाले गए ह्यूम पाइपों को हटाया नहीं जाएगा तब तक कटाव बंद नहीं होगा.

- रोहित ओझा


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