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बड़ी खबर: बंगाल में पिकअप से जिले के पाँच लोगों की मौत ..


- 16 तीर्थयात्री एक साथ गए थे जलाभिषेक करने

कैमूर टॉप न्यूज़, कैमूर: बंगाल के वर्तमान में  हुई सड़क दुर्घटना में  जिले के 5 लोगों की मौत हो गई. मरने वाले गोईं गाँव के एक ही परिवार के हैं.  पांच लोगों की मौत की खबर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. घर के अंदर महिलाएं दहाड़ मारकर रो रही थीं. उन्हें ढांढस बंधाने वाली महिलाएं भी फफक पड़ रही थीं. 

स्थानीत निवासी कामेश्वर को बर्द्धमान में पिकअप वैन के जैसे ही यह जानकारी मिली कि पिकअप पलटने से उनकी पत्नी चंदा की मौत हो गई वह घर को बेटियों पर छोड़कर बर्द्धमान के लिए निकल गए.मुखिया दिनेश यादव ने बताया कि मृतका चंदा को चार बेटी व दो बेटा हैं. सिर्फ एक बेटी की शादी हुई है. अभी तो नेहा सातवीं, खुशबू छठी व राधा तीसरी कक्षा में पढ़ती हैं. दो बच्चे भीड़ को देखकर रोए जा रहे थे. बेलांव थाना क्षेत्र के तरांव गांव से मृतका की मां पनवरता देवी अपने पति के साथ बेटी के घर पहुंची थी. वह बच्चों को ढांढस बंधा रही थी. उसके पिता बेटी का शव आने का इंतजार घर के बाहर कर रहे थे.

मृतक छतीश शर्मा (30 वर्ष) के पिता रामयश शर्मा घर के बाहर बैठे आसमान निहार रहे थे और विधवा बनी उनकी बहू 27 वर्षीया गुड़िया देवी घर के अंदर विलाप कर रही थी. गोद में बेटे को लेकर कभी रो रही थी तो कभी पति को याद कर अचेत हो जा रही थी. रामयश ने बताया कि पांच साल पहले बेटे की शादी की थी.एक बेटा और एक बेटी है. वह पूछते हैं कि अब बहू की जिंदगी किसे पार लगेगी. रामयश के दो बेटों में एक अभी छोटा है और दूसरे की हादसे में मौत हो गई.

मंगलवार से ही भूखे हैं मृतक बबलू के पिता: 

मृतक बबलू के वृद्ध पिता गुदरी व मां माया का रो-रोकर बुरा हाल था.गुदरी ने बताया कि उनके छह बेटों में बब्लू सबसे छोटा था, जिसकी मंगलवार को मौत हो जाने की खबर आई है. बहू और उसके तीन मासूम बच्चों की परवरिश कैसे होगी यह चिंता उन्हें सता रही है. बूढ़ी हड्डी में अब इतनी जान नहीं रही कि वह कुछ कर सकें. बब्लू की कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था. मंगलवार की दोपहर से ही वह कुछ खाए-पीए नहीं हैं. कहते हैं बहू खा लेगी तो समझो हम भी खा लिए.

सास के शोक में अचेत हो जा रही पूनम:

मृतका रेशमी देवी का 40 वर्षीय पति गजाधर बिंद पत्नी की मौत के शोक में डूबा है. घर के अंदर तीन बेटे और एक छोटी बच्ची अपने मां की मौत की खबर सुनकर रो रहे हैं. कुछ महिलाएं उन्हें समझा रही हैं. गजाधर की पतोह पूनम देवी सास की मौत की सूचना मिलने के बाद से रोए जा रही है. कभी-कभी वह अचेत होकर खाट पर गिर जा रही है. गांव व रिश्ते की महिलाएं उसके मुंह पर पानी का छींटा मारकर होश में लाने का प्रयास कर रही हैं. लेकिन, जैसे ही वह होश में आ रही है उसकी आंखें सास की तलाश करने लग रही है. रेशमी की पांच वर्षीया बेटी शिवकुमारी कुछ बोल ही नहीं पा रही है. सदमा में पड़ी शिव कुमार अपनी बेहोश भाभी पूनम को एकटक देख रही है.

झुनिया की मौत की झूठी खबर ने रूलाया:

बंगाल के बर्द्धमान से फोन पर सूचना आई कि हादसे में 42 वर्षीय सीताराम बिंद की पत्नी झुनिया देवी पति की भी मौत हो गई है. यह खबर सुन उसके घर में भी कोहराम मच गया. लेकिन, बुधवार को सूचना मिली कि झुनिया मरी नहीं है. उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. पता चला कि घटना स्थल व अस्पताल में झुनिया नहीं दिखी तो अन्य कांवरियों ने समझा कि उसकी भी मौत हो गई लेकिन, मायके आई विवाहित बेटी मां को याद कर रो रही थी.

तीन सांझ से नहीं जले हैं चूल्हे:

बर्द्धमान हादसे की सूचना के बाद से मृतकों व गंभीर रूप से घायल शहबाजपुर गोईं गांव के तीर्थयात्रियों व अन्य लोगों के घर चूल्हे नहीं जले हैं. बच्चे चना-चबेनी खाकर पानी पी लिए तो कुछ बच्चों को गांव के लोग अपने घर ले जाकर खाना खिलाया. घर के बड़े लोग तो पानी पीकर ही रह जा रहे हैं. तीन सांझ हो गए, लेकिन चूल्हे नहीं जले हैं. शव आने व दाह-संस्कार हो जाने के बाद ही कुछ हो सकेगा।

अनहोनी से अभी भी सहमे हैं ग्रामीण

गांव के वृद्ध दल्लू बिंद, ललन बिंद, युवकों विरेन्द्र बिंद, श्यामलाल साह, अजीत गुप्ता बताते हैं कि मंगलवार का दिन गांव के लिए अपशकुन बनकर आया। अबतक चार लोगों की मौत होने की सूचना मिली है। अब गंभीर रूप से घायलों का क्या होगा यह सोचकर चिंताएं बढ़ने लगी है। दल्लू व ललन बताते हैं कि गांव के किसी घर में चूल्हे नहीं जले हैं।

डॉक्टर ले रहें लगातार जायजा

मुखिया गांव के 5-6 युवकों के साथ घर-घर जाकर पीड़ितों का हाल ले रहे हैं। उनके द्वारा ग्लूकोज का डिब्बा एवं बच्चों को खाने के लिए बिस्कुट दिया जा रहा है। डाक्टरों की टीम को भी संबंधित परिवारों के घर भेज रहे हैं, ताकि बेहोश एव खाली पेट रह रहीं महिलाओं की तबीयत ज्यादा खराब न हो पाए। मुखिया दिनेश यादव के साथ डीलर शिवपूजन राम, शंभु साह, सियाराम गुप्ता, संजय जायसवाल भी हैं।

डीएम ने की बर्द्धमान प्रशासन से बात

चांद। बर्द्धमान हादसे में चार लोगों की मौत के बाद बुधवार को मुखिया दिनेश यादव व शहबाजपुर गोई के सामाजिक कार्यकर्ता डीएम से उनके आवास पर मिले और घायलों के बेहतर इलाज कराने के लिए बर्द्धमान प्रशासन से बात करने की गुहार लगाई। मौके पर चांद बीडीओ रविरंजन भी थे। बीडीओ ने बताया कि डीएम ने बर्द्धमान प्रशासन से फोन पर बात की और घायलों का बेहतर इलाज कराने व मृतकों का शीघ्र पोस्टमार्टम कराकर सरकारी वाहनों से कैमूर भिजवाने में मदद करने को कहा। बर्द्धमान डीएम भी बिहार के ही है। कैमूर डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बर्द्धमान में मौजूद विनोद कुमार एवं मनोज गुप्ता का मोबाइल नंबर भी वहां के डीएम दिया। (ए.सं.)

16 लोग गए थे जलाभिषेक करने

चांद के शहबाजपुर गोईं गांव से 16 लोग देवघर में जलाभिषेक करने गए थे। वहां से कोलकाता के काली घाट स्थित काली मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद झारखंड के रजरप्पा मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाना था। इसी दौरान बर्द्धमान में पिकअप वैन पलटने से चार लोगों की मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए। गांव में आई खबर के अनुसार, कामेश्वर बिंद की पत्नी चंदा देवी, गुदरी गुप्ता के पुत्र बब्लू गुप्ता, गजाधर बिंद की पत्नी रेशमी देवी, रामयश शर्मा के पुत्र छतीश शर्मा की मौत हो चुकी है, जबकि सीताराम बिंद की पत्नी झुनिया देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। तीर्थयात्रियों में लाला बिंद की पत्नी भागीरथी देवी, गिरधारी बिंद का पुत्र लाला बिंद, मुराहु बिंद का पुत्र शिव कुमार बिंद, शिवकुमार बिंद की पत्नी प्रमीला देवी, पारस बिंद की पत्नी मिर्जा देवी, भगवान बिंद का बेटा बिगू बिंद, मुन्ना बिंद की पत्नी गायत्री देवी, बिगू बिंद की पत्नी मनसोरा देवी, सेचू बिंद की पत्नी गीता देवी, जगदीश बिंद की पत्नी पार्वती देवी, बब्लू बिंद की पत्नी सोमरी देवी शामिल हैं. इनके अलावा दो चालक जिगिना गांव के शिवपरसन यादव व चांद निवासी बब्लू प्रजापति वाहन लेकर गए थे5
रोहित ओझा की रिपोर्ट


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